Tuesday, October 11, 2022

कड़ुवा नीम

कडुवा नीम
तुमने सच कहा था
कि मैं कडुवा नीम हूँ।
तुम्हें मेरा साथ
रास नहीं आया था
काश! तुम
उस कडुवाहट
को भुला पाते
तो कई रोगों
की दवा पा लेते।
और पथिक बन
राह चलते
मेरी शीतल छाँव
में बैठ जाते।
ठंडी हवा खाकर
अपनी थकान मिटाते।
मेरी सूखी टहनियाँ भी
तुम्हारे साथ रहतीं तो-
तुम्हारी मलिनता
को दूर कर देती।
हाँ। मैं कडुवा नीम हूँ।

-रेणु चन्द्रा माथुर

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